Friday, December 27, 2013

ऐे ज़िन्दगी

हर सुबह हर रोज़
दिल के आरज़ूओं में
अजीब  सी भीनी भीनी खुश्बू है
अंखियों के पलकों पे
लहराते रंगीले ख्वाब है

तेरा चेहरा तेरी नज़रें
तेरे आँखों का रंग भी
मदहोशी का करता आलम है

तेरी आवाज़ तेरी वाणी
तेरे पैरों के आहट भी
सुरीली गूँज कानो में है

तू इस तरह मेरी ज़िन्दगी में शामिल हैं
हाथ बढ़ा ऐे ज़िन्दगी
हाथ मिला के साथ चल 


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